सूरज ढला तो
कद से ऊँचे हो गए साये,
कभी पैरों से रौंदी थी, यहीं परछाइयां हमने..
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है;
एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है!
भग़वान कहते है तलाश ना कर मुझे ज़मीन-ओ-आसमान की गर्दिशों में...
अगर तेरे दिल में नहीं हूँ.. तो कहीं नहीं हूँ मैं
कभी पैरों से रौंदी थी, यहीं परछाइयां हमने..
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है;
एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है!
भग़वान कहते है तलाश ना कर मुझे ज़मीन-ओ-आसमान की गर्दिशों में...
अगर तेरे दिल में नहीं हूँ.. तो कहीं नहीं हूँ मैं